पावन है मेरे देश की मिट्टी
अनेक वीरों ने इसमें जन्म लिया
माथे पर इस मिट्टी का तिलक लगाकर्
देश के लिए अपना बलिदान दिया।
— Anita Gupta
देश की मिट्ठी से तिलक यूँ लगायेगे
खाक होकर इसी मिट्ठी में नाम अमर कर जायेंगे!
— Radha Shailendra
देश की मिट्टी से
देश की मिट्टी से तिलक लगाकर,निकल पड़े हम वीर जवान।
पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहे मुश्किल में हो जान।
हम सब हैं भारतवासी,यही हमारी है पहचान।
अमर रहे यह देश हमारा,हमको इस पर है अभिमान।
— Ruchi Asija
देश की मिट्टी से ही धूल भरे हीरे निकले हैं
आसमान में तारों की चमक बनाई है
देश पे मर मिटने की सदा जाँबाजों ने
इस मिट्टी में मिल जाने की
कसम खाई है
देश की मिट्टी से गर सच्चा लगाव है
तो जीवन में फिर कोई नहीं अभाव है
— Amarjeet Kaur Matharou
Shwetha Jain
ये शहीदों के लहू से सींची मिट्टी है ,
कभी दवा, कभी दुआ सी यह मीठी है !
सुख दायिनी, हर्ष दायिनी यह धरती है,
जवानों के माथे का तिलक बन सजती है !
रग–रग में इसके अमृत–गंगा बहती है…
बांसुरी में इसके कृष्ण वाणी बजती है !
सागर इस धरा के मोती उगलते हैं,
पर्वतों में इस मिट्टी के ऋषि मुनि गूंजते हैं !!
हवाओं में देशभक्ति केसर सी महकती है,
फसल खेतों में सोने सी चमकती है !
मां सीता के त्याग यह बतलाती है,
श्रीराम की पुण्यभूमि कहलाती है ।
जहां तीर्थंकर महावीर के नारे लगते हैं ,
नव–भारत की ओर ले जाते सारे रास्ते हैं ,
जहां जीवन को त्योहार सा मनाते हैं,
“अतिथि देवोभव” का पाठ पढ़ाते हैं ।
शिव–पार्वती का अमर प्रेम आसमां में झूमता है,
कण–कण को यहां हर कोई पूजता है !
यहां मां अपने बेटे को चांद कहकर पुचकारती है,
पनघट पर पानी भरती कमर यहीं बलखाती है !!
भिन्न–भिन्न संस्कृति की यह मूरत है,
अनेकों आविष्कार की यही सूरत है !
मित्रता की यह मिट्टी अटूट मिसाल है,
आंख जो उठाई ,तो करती यह हाल–बेहाल है !
चूम के इस धरती को, आज दिल झूमेगा !
उन्नति की ओर बढ़ता कदम, रोके न रुकेगा !
ऋण इस मिट्टी का जन्म–जन्मांतर न भरेगा ,
यह सर सिर्फ इस मिट्टी के आगे झुकेगा !!
— Shwetha Jain
सौंधी सौंधी देश की मिट्टी,
शक्ति भक्ति वीरता वाली मिट्टी,
नाज है हमको मान सम्मान है ये,
जान से भी प्यारी देश की मिट्टी। ।
— Rajmati Pokharna Surana
देश की मिट्टी से सदा ही ये आवाज़ आती रही है
वीर जवानों को मां भारती सदा ही बुलाती रही है
हवा में हमारी मिट्टी की खुशबू सदा बिखराती रही है
हमारे देश का तिरंगा ऊंचे आकाश में सदा लहराती रही है !!
— Pushpa Pandey
देश की मिट्टी से खुशबू आती है बलिदानों की
ममतामई हाथों से सेहरा सजा कुर्बान किए लालों की
आज तिरंगे की शान में लहराते हैं स्वाभिमान के परचम
ये आज़ाद देश हमारा है ये हिंदुस्तान मेरा है।
— Harminder kaur
भारत है वीरों का देश
जहाँ की मिट्टी में भी बसे देशभक्ति का संदेश
कल -कल करती नदियाँ भी गाए तराना देशभक्ति का
यहाँ की फिजाओं में भी महके खुशबू देशभक्ति का ।।
— Manju Lata
देश की मिट्टी से बने हैं हम,
देश की मिट्टी में ही मिल जाएंगे।
कोई उंगली भी उठाएगा ग़र इस तरफ़,
हम अपना सर्वस्व न्योछावर कर जाएंगे।
— Kavita Prabha
देश की मिट्टी से जो तिलक लगाए
देश की मिट्टी से जो सौंधी खुशबू आए
देश की मिट्टी से जो जुड़ जाएं
इसलिए हम से हम भारतवासी कहलाएं
— Rekha Agarwal
अपने देश से प्यार करें
तिरंगे का सम्मान करें
दिल में सदा बहती रहे
देशप्रेम की धारा।
— Anita Gupta
देश प्रेम की धारा,
निरंतर अग्रसर रहे
हर कदम संग सदा
तिरंगे का सम्मान बढ़े!
— Harminder kaur
चलो हम स्वतंत्रता दिवस मनाएं
देश – प्रेम की धारा में बहते जाएं
नशा मुक्त भारत का निर्माण कर
स्वर्णिम युग का इतिहास रचें
एक नया भारत बनाएं ।।
— Manju Lata
भावनाओं से भरा जीवन का जंगल,
मन के द्वंद्वं से आज़ाद होता नही!
— Sarvesh Kumar Gupta
हमारे हृदय में तिरंगा है।
देश की पवित्रता में गंगा है।।
विजय की दास्तां रक्त से लिखी।
बसा वीरों के खून में तिरंगा है।।
— Poonam Deshwal
हृदय में तिरंगा,काया पर तिरंगा।
भाव तिरंगा,मेरी हर साँस तिरंगा।
बिन इसके, मैं कुछ भी नहीं हूँ।
मेरी तो है पहचान तिरंगा!
— Kavita Prabha
जिस हृदय में हो तिरंगा, वही सच्चा देशभक्त कहलाता
सदैव सत्य की राह पर चलकर, अपने कर्तव्यनिष्ठा से
तिरंगे का मान बढ़ाता, देश का सम्मान बढ़ाता।।
— Manju Lata
जिधर भी देखूं….तुम ही तुम,
रग रग में तुम, हर सांस में तुम,
तुम ही तुम… मेरे देश की शान
मेरे तिरंगे
— Sarvesh Kumar Gupta
मस्त पवन है,नीलगगन है
हम पंछी मतवाले हैं
नित नयी उड़ान भरते हम
स्वतंत्र भारत के रहने वाले हैं ।।
— Anita Gupta
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