आज़ादी हमारे लिए
सिर्फ़ आजा़द साँसें नही हैं।
इस आज़ादी मे हज़ारों साँसें
क़ुर्बान हैं।
यातनाएँ हैं ,पीड़ाएँ हैं।
जज़्बा है, भकि्त है।
त्याग है,समर्पण है।
आज़ादी हमारे लिए
अभिव्यकित है।
आज़ादी याद है उनकी
जिनकी नींव पर ये
आज़ाद भारत खड़ा है।
बुलंद, सशक्त, निडर ,निर्भीक
बेख़ौफ़ अपना वजूद समेटे…..
– Pratibha Ahuja Nagpal
आज़ादी के क्या मायने है ।
दुनिया में बंदिशें बहुत है आज़माने को
जागो , उठो , तोड़ो दीवारें मंजिलें पाने को।।
हर आजादी की कुछ कीमत होती है ,
चाहतों को घेरे हुए गर्दिशों होती हैं ।।
वतन को तूफानी निगेहबां चाहिए ,
गिरते को उठाने वाले हाथ चाहिए ।।
ग़रीबी अमीरी जात पात हैं दीमकें कई ,
यह ना कभी ले जाएंगे हमें राह नई ।।
सोचो आज़ादी का मतलब क्या है !
समझो आज हमारी मंजिल क्या है !
एक नया हिंदुस्तान , नया जहां बनाना है ,
अपने वतन को कोहिनूर सा ताज बनाना है ।।
प्यार , सच्चाई ,मेहनत ,वक्त की पाबंदी ,
यह कभी ना लाएंगे हमारे लिए शर्मिंदगी ।।
15 अगस्त सिर्फ लहू का इतिहास नहीं ,
पुरानी बेड़ियों को तोड़ ,बढ़ो राह नई ।।
चलो आज हम सब कसम खाते हैं ,
मैं मैं नहीं , हम बन जाते हैं ।।
मेरे देश की माटी , तिलक लगा लूँ इसका ,
च॔दन बन दमके माथे , मोल लगे न जिसका ।।
सबका अब एक हो देश ,एक ही वतन ,
इसे सितारों की जमी बनाने का करें जतन ।।
– Ranjana Majumdar
रंग को समझना है
फिर रंग बनाना है
– Sarvesh Kumar Gupta
सदियों तक दासता की बेड़ियों में
जकड़े रहने के बाद हमारे देश
कोआजादी मिली।आज विकास केसाथ
यह आसमान भी रंग दो केसरिया।
– Anita Gupta






