साक्षरता की आज़ादी
खुली हवा में सांसों को आज़ादी
दहलीज़ लाघंने की आज़ादी
दोस्त बनाने की आज़ादी
हमसफ़र चुनने की आज़ादी
मन के विचारों को आज़ादी
दिशा को नया आयाम देने की आज़ादी
घर से दफ्त़र की आज़ादी
क़दम से क़दम मिलाकर चलने की आज़ादी
बहुत कुछ मिला है आज़
जो शायद पहले मुमकिन न था
पर फ़िर भी आज़ाद होते हुए भी
स्वयं के विचारों के गुलाम क्यों ?
मानसिकता सिमटी है
घृणा, द्वेष में लिपटी है
संस्कृति नाम की रची है
मानवता कहां बची है
अपनेपन का दिखावा है
फ़िर भी कहते हो मोह माया है
ऐसी आज़ादी की तलाश करो
जो विचारों को पहले स्वतंत्र करें
अपने विचारों की इकाई पार कर
परिवार,सामाज,राज्य
और फ़िर राष्ट्र का उद्धार करें
यही है आज़ादी हमारे लिए ।
– Anshita Dubey


आज़ादी हमारी मातृभूमि का शाश्वत श्रृंगार है।
हम इसकी रक्षा के लिए प्राण भी न्योछावर कर देंगे।
– Kavita Singh


आओ उन्मुक्तता के रंग फ़िजा में बिखेर दे,
आसमां में केसरिया रंग की उमंग भर दे,
शान्ति की श्वेत चादर बिछाए चहुंओर हम,
अमन चैन का संगीत हवाओं में फैला दे। ।
_ Rajmati Pokharna Surana


सदियों तक गुलामी की बेड़ियों में
जकड़े रहने के बाद मिलीआजादी
हमारे लिए उत्सव की तरह है
आओ उत्सव मनायें।
– Anita Gupta

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