Life Is Completed When | If I Ever Meet A Person Who’s Just Like Me | One Thing That Runs Deep In Our Generation Is | Like A Bird In The Sky | Life Comes To A Full Circle When
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Life Is Completed When | If I Ever Meet A Person Who’s Just Like Me | One Thing That Runs Deep In Our Generation Is | Like A Bird In The Sky | Life Comes To A Full Circle When

Life Is Completed When | If I Ever Meet A Person Who’s Just Like Me | One Thing That Runs Deep In Our Generation Is | Like A Bird In The Sky | Life Comes To A Full Circle When Life is complicatedwhen anyone fights with their own for justice and its cost paid by…

सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते  बादल
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सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते बादल

सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते बादल बनावट और दिखावे से दूरसादगी में बसी सुंदरताअनायास ही अपनी ओरआकर्षित करती है।– Anita Gupta banaavat aur dikhaave se doorsaadagee mein basee sundarataanaayaas hee apanee oraakarshit karatee hai.– anit gupt सुन्दरता किसे न अच्छी लगतीये तो है हर किसी का जन्मसिद्ध…

अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए
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अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए

अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए, apane saath bitaaye lamhen, bade phaisale lene ke lie अपने साथ बिताये लम्हे,खुद से खुद की पहचान कराते है ।सो गई जो आत्मा इंसान की,उसे जगाते है।जीवन जीने की नई राह दिखाते है।– Mridul Singh apane saath bitaaye lamhe,khud se khud kee pahachaan karaate hai .so…

Father’s Day Poetry In English | When I Bumped My Head Or Scratched My Knee | You Lighten Up My Day With Your Smile | The shoes of an ideal Father
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Father’s Day Poetry In English | When I Bumped My Head Or Scratched My Knee | You Lighten Up My Day With Your Smile | The shoes of an ideal Father

Father’s Day Poetry In English | When I Bumped My Head Or Scratched My Knee | You Lighten Up My Day With Your Smile | The shoes of an ideal Father When I bumped my headOr scratched my kneeIt was my father who came running to meThough behaved rudely, shouted at meBut even though I feel…

Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था
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Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था

Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।एक पिता के रूप में हर घर मेंहोता है नींव का पत्थर,कभी अभिमान तो कभीस्वाभिमान बनता पिता रूपीनींव का पत्थर,अक्सर कल्पतरु बन जातानींव का पत्थर।-अनीता गुप्ता…

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समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने

समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने सुख – दुख के पहलू को समझाती हैहर समय का भान कराती हैसमझो तो ज़रा, ख़ामोशी क्या कहती हैरेखा अग्रवाल🖋 sukh – dukh ke pahaloo ko samajhaatee haihar samay ka bhaan karaatee haisamajho to zara, khaamoshee kya kahatee hairekha agravaal🖋 समझो तो…

I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late
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I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late

I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late I am the ocean vast and deepContaining myriad treasures and mysteries steep.My thoughts are endless and timeless like the waves galore.And my identity is true and constant like the stretched-out…

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना
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धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना धूप में जलना पड़ेगाकोयले को हीरा बनना पड़ेगावक़्त के साथ औक़ात की बात है जनाबपाने की चाहत को मुक़ाम देना पड़ेगा-पूजा दीक्षित dhoop mein jalana padegakoyale ko heera banana padegavaqt ke saath auqaat kee baat hai janaabpaane kee chaahat ko muqaam dena padega-pooja deekshit…

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं
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शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं आप एक शांतिप्रिय आत्मा हैंहर कर्म करने से पहले आपकोशांति से विचार करना है।-अनीता गुप्ता aap ek shaantipriy aatma hainhar karm karane se pahale aapakoshaanti se vichaar karana hai.-aneeta gupta शांति से विचार करने के बाद ही किसी अंतिम निर्णय पर पहुँचना चाहिए।-प्रगति शाक्य…

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम
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World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम कितना कुछ देती हैं हमें प्रकृति,मन को सुकूँन, तन को आनंद,नदियाँ शीतलता प्रदान करती,हरे भरे पेड़ ठंडी ठंडी हवा देते।आओ प्रकृति का कण-कण हम,एक बार फिर से महका दे आज,पर्यावरण दूषित हो रहा धीरे-धीरे,इसे सब मिल स्वच्छ बना ले आज।।-डाॅ राजमती पोखरना सुराना kitana kuchh detee hain…