अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे

अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे

अपने निशाँ छोड़ते जाओ लोगों के दिलों में
खुद भी जियों औरों को भी जीने दो
करो कुछ काम एसा,
कि मरने के बाद भी रहे तेरा नाम इस जहां में ।
-मृदुला सिंह

अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे
अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे

apane nishaan chhodate jao logon ke dilon mein
khud bhee jiyon auron ko bhee jeene do
karo kuchh kaam esa,
ki marane ke baad bhee rahe tera naam is jahaan mein.
-mrdula sinh


अपने निशाँ छोड़ते जाओ
वक़्त को पीछे छोड़
परिस्थितियों को समझकर
अब फिर वहीं तो जाना है
जहाँ छोड़ अपने निशाँ
सबसे आगे निकलना है
-सर्वेश कुमार गुप्ता

apane nishaan chhodate jao
vaqt ko peechhe chhod
paristhitiyon ko samajhakar
ab phir vaheen to jaana hai
jahaan chhod apane nishaan
sabase aage nikalana hai
-sarvesh kumaar gupta


जाना तो सबको है एक दिन
इस जहाँ से उस जहाँ में
लेकिन जाते -जाते अपने
अच्छे कर्मों के निशाँ छोड़ते जाओ
ताकि जमाना रखे आपको याद
युग – युगान्तर तक।
-मंजू लता

jaana to sabako hai ek din
is jahaan se us jahaan mein
lekin jaate -jaate apane
achchhe karmon ke nishaan chhodate jao
taaki jamaana rakhe aapako yaad
yug – yugaantar tak.
-manjoo lata

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