मैं ही मैं हूँ हर जगह, माँ प्यार ये तेरा कैसा है? - Mother’s Day Poetry Prompt-4

मैं ही मैं हूँ हर जगह, माँ प्यार ये तेरा कैसा है? – Mother’s Day Poetry Prompt-4 

मैं ही मैं हूँ हर जगह
माँ प्यार ये तेरा कैसा है।
माँ ये कैसा अटूट रिश्ता है हमारा,
कि तू जिधर देखती है..
मैं ही मैं नज़र आता हूँ।
फूलों में कलियों में..
गाँव की गलियों में,
हर जगह तुझे मैं ही
मैं नज़र आता हूँ।।
-अनीता गुप्ता


main hee main hoon har jagah
maan pyaar ye tera kaisa hai.
maan ye kaisa atoot rishta hai hamaara,
ki too jidhar dekhatee hai..
main hee main nazar aata hoon.
phoolon mein kaliyon mein..
gaanv kee galiyon mein,
har jagah tujhe main hee
main nazar aata hoon..
-अनीता गुप्ता


चाहे कितने भी मुश्किलों के दिन क्यों न हो
आसमान फट जाए या फिर सोनामी आ जाए
लेकिन ऐसे में भी माँ
खुशियों को बुला ही लाती है जमीन पर
अपने मेहनत और सुन्दर व्यवहार से सबको खुशमखुश कर देती है ।।
-मंजू लता


chaahe kitane bhee mushkilon ke din kyon na ho
aasamaan phat jae ya phir sonaamee aa jae
lekin aise mein bhee maan
khushiyon ko bula hee laatee hai jameen par
apane mehanat aur sundar vyavahaar se sabako khushamakhush kar detee hai ..
-manjoo lata


मैं ही मैं हूँ हर जगह, माँ प्यार ये तेरा कैसा है? - Mother’s Day Poetry Prompt-4
मैं ही मैं हूँ हर जगह, माँ प्यार ये तेरा कैसा है? – Mother’s Day Poetry Prompt-4

श्रृष्ठि की सबसे अनमोल कृति…
मां से ही है मेरे होने की गति…!!
-(नेह)


shrrshthi kee sabase anamol krti…
maan se hee hai mere hone kee gati…!!
-(neh)

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