सर्दी हो गर्मी हो बरसात हो
कभी नहीं उफ करता है पिता
दिन रात मेहनत करता है
मगर कभी नहीं थकता है पिता
मां तो जन्म देती है
पालनहार है पिता
बाहर से कठोर अंदर से
कोमल दिल का होता है पिता
मां का श्रृंगार बच्चों का भगवान है पिता
इसीलिए कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।
-ऋतू जैन

कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।
एक बेटी के लिए उसका आसमान है पिता।
कड़ी धूप में छाया देने वाला बादल है पिता।
जिस हिम्मत से वह लड़ लेती है हर मुश्किल से
उसकी वह हिम्मत है पिता।
-दीपाली
पिता ही तो छाव हैं पिता है तो सारे चाव है….
मन की सारी रौनके पूरी करे आपकी मन्नते…
मान भी शान भी पिता है तो सारी जन्नते…
कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता…!!
-(नेह)
मेरी पहचान पिता से
क्या कहूँ किसी से ?
बिन पिता न अभिमान
और न ही स्वाभिमान।
-सर्वेश कुमार गुप्ता
उनके होते मुझे कोई कुछ गलत
कहने की हिम्मत नहीं पाता था जुटा
मतलबी दुनिया है जानते हुए भी
सब पर दिल का खजाना देते थे लुटा
मस्तमौला अंदाज में तकलीफ़ को भी
पलटकर बना दिया करते थे लतीफा
करते थे दिन रात एक हमें सहूलियतें देने में
हमारी बारी से पहले ही कह गए अलविदा
आपके नाम से जुड़े इत्रराए हुए महकते हैं
कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान होते हैं पिता।🙏
-नीति जैन






