क्या है कहना और क्या है सुनना
यहां की हर बात है निराली,सुबह की
किरण जीवन में नव संचार लाती है !
कहानियां तो बहुत होती है स्याह काली रातों की,
और हर खास बात को रात की कहानियां भी कहती है!!
— Pushpa Pandey
रात कहानी कहती है
खामोश टीस को सहती है।
जरा समझो कुछ लाचारी को,
बेजुबानों की निशाली ढलती है।
— Kiran Pandey
रात कहानी कहती हैं
आने वाली सुबह की।
पदचाप सुन रही होकर मौन,
रवि की चंचल किरणों की।
घनघोर अँधेरा छाया है पर,
जलती मध्यम लौ स्वप्नों की।
—Kavita Prabha
रात कहानी कहती है
आने वाली सुबह की
भोर के धुंधलके की
सूरज की लालिमा की
सूर्य की सुनहरी किरणों की
चिड़ियों के कलरव की
जन मानस के जागरण की।।
— Anita Gupta
रात कहानी कहती हैं।
एक सुहानी भोर की।।
परवाना -ए-मंजिल।
परवाह नहीं करते,
किसी छोर की।।
— Poonam Deshwal
रात की बस एक कहानी
सुबह के उजाले में समा जाये
मन को तरोताज़ा कर
दुनिया मन मोहक दिखाये
— Sarvesh Kumar Gupta
दिन यूँ ही गुजर जाता है
भूली बिसरी यादों को
मन में संजोकर रखने में
पर अंधेरा होने पर,
रात कहानी कहती है।
— Anita Gupta
जिन आंखों से, मुझे दुनिया समझने का मौका मिला
आज उन्हीं आंखों की रोशनी, धुंधलाती जा रही थी
दुर्बल शरीर, आशा भरी नजरों से देखा करते हैं
थाम ली हूँ हाथ उनका, सहारा बन चलती हूँ संग
कम से कम जीवन की संध्या तो सुकून से कटे।
— Manju Lata
जिन आखों से मुझे, ये सपना दिखाया हैं,
वास्तविकता से मेरा परिचय भी कराया है,
दुनिया के बहुत से उसूल होते है,
जिंदगी ने मुझे इस काबिल बनाया है!!
— Pooja Agarwal
जिन आँखों से मुझे दुनिया की सच्चाई दिखाई देती है,
उसी से बुराई को दूर करने की रोशनी भी प्राप्त होती है
— Kavita Prabha
जिन आंखों से मैनें इस दुनिया को देखा,जाना
और समझा है
आज, उन्हीं आंखों से मैनें जानी जगत की रीत है
अपने आंखों की पानी को बचाए रखना ,क्योंकि
इससे ही बढ़ता संसार,समाज और मनुज की प्रीत है !!
— Pushpa Pandey
जिन आंखों ने मुझे दुनिया दिखाई
ऊंच,नीच और प्यार की राह दिखाई
जीने का सलीका सिखलाया
आज वही आंखें धुंधली हो गयी हैं
उनकी बांह थाम उनका सहारा बनूं
ऐसी इच्छा मन में उभर आई है।
— Anita Gupta
जिन आंखों से मुझे
दुनिया दिखती है।
वे आंखें कहां खुद को।
देख पाती है।।
— Poonam Deshwal






