दीवारों से बातें करना  | मेरा होना ही जैसे | किताबें
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दीवारों से बातें करना | मेरा होना ही जैसे | किताबें

दीवारों से बातें करना | मेरा होना ही जैसे | किताबें ऐ मेरे वतन के नौनिहालोंये देश अब तुम ही संभालोंचलते रहो एक – दूसरे के साथयूं ही डाल कर हाथों में हाथवतन को तरक्की की राह पर ले जाओदेश को मेरे फिर से विश्व गुरु बनाओना आपस में कभी लड़ो, ना रखो कोई बैरजात…

सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते  बादल
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सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते बादल

सादगी में बसी सुंदरता | सिर्फ एक मुस्कुराहट से | घिर घिर आते बादल बनावट और दिखावे से दूरसादगी में बसी सुंदरताअनायास ही अपनी ओरआकर्षित करती है।– Anita Gupta banaavat aur dikhaave se doorsaadagee mein basee sundarataanaayaas hee apanee oraakarshit karatee hai.– anit gupt सुन्दरता किसे न अच्छी लगतीये तो है हर किसी का जन्मसिद्ध…

अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए
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अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए

अपने साथ बिताये लम्हें, बड़े फैसले लेने के लिए, apane saath bitaaye lamhen, bade phaisale lene ke lie अपने साथ बिताये लम्हे,खुद से खुद की पहचान कराते है ।सो गई जो आत्मा इंसान की,उसे जगाते है।जीवन जीने की नई राह दिखाते है।– Mridul Singh apane saath bitaaye lamhe,khud se khud kee pahachaan karaate hai .so…

वह पगली
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वह पगली

वह पगली -सरिता सृृजना पता नही कहाँँ से आई थी “वह पगली”सबकी आँँखोंं को बडी ही भायी थी “वह पगली” बडी अजीब थी, मलिन चेहरा ,मरियल सी देहकांंतिविहिन काया की धनी थी “वह पगली” कभी मंंदिर की सीढियोंं पर , कभी हाट-बाजारोंं मेंंकभी नदियोंं-नालोंं पर बैठी नजर आती “वह पगली” आकर जब भी पास खडी…

Fathers Day Poetry In Hindi
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Fathers Day Poetry In Hindi

Fathers Day Poetry In Hindi कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।एक पिता के रूप में हर घर मेंहोता है नींव का पत्थर,कभी अभिमान तो कभीस्वाभिमान बनता पिता रूपीनींव का पत्थर,अक्सर कल्पतरु बन जातानींव का पत्थर।-अनीता गुप्ता पिता है वो बरगद की छाँवजो स्वाभिमान से सर उठाए रहता है खड़ाजिसके तले जाने कितने ही जीव…

समय का पहिया
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समय का पहिया

समय का पहिया आपके साथ बिताये पलों कोहम हमेशा याद करेंगेचले जाने पे भी जो टूटे नहींवही तो दिलों का रिश्ता है|एक पंछी हूँ जहाँ उसका ठिकना हैकुछ पल गम के और,अनेक पल खुशियों की सौगात लिएफिर उड़े जा रहा हूँ मैंनम्म आँखों में दुआ लिएकहते हैं हम अलविदाइस महफ़िल में रहे या न रहेयह…

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समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने

समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने सुख – दुख के पहलू को समझाती हैहर समय का भान कराती हैसमझो तो ज़रा, ख़ामोशी क्या कहती हैरेखा अग्रवाल🖋 sukh – dukh ke pahaloo ko samajhaatee haihar samay ka bhaan karaatee haisamajho to zara, khaamoshee kya kahatee hairekha agravaal🖋 समझो तो…

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना
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धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना धूप में जलना पड़ेगाकोयले को हीरा बनना पड़ेगावक़्त के साथ औक़ात की बात है जनाबपाने की चाहत को मुक़ाम देना पड़ेगा-पूजा दीक्षित dhoop mein jalana padegakoyale ko heera banana padegavaqt ke saath auqaat kee baat hai janaabpaane kee chaahat ko muqaam dena padega-pooja deekshit…

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं
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शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं आप एक शांतिप्रिय आत्मा हैंहर कर्म करने से पहले आपकोशांति से विचार करना है।-अनीता गुप्ता aap ek shaantipriy aatma hainhar karm karane se pahale aapakoshaanti se vichaar karana hai.-aneeta gupta शांति से विचार करने के बाद ही किसी अंतिम निर्णय पर पहुँचना चाहिए।-प्रगति शाक्य…

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम
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World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम कितना कुछ देती हैं हमें प्रकृति,मन को सुकूँन, तन को आनंद,नदियाँ शीतलता प्रदान करती,हरे भरे पेड़ ठंडी ठंडी हवा देते।आओ प्रकृति का कण-कण हम,एक बार फिर से महका दे आज,पर्यावरण दूषित हो रहा धीरे-धीरे,इसे सब मिल स्वच्छ बना ले आज।।-डाॅ राजमती पोखरना सुराना kitana kuchh detee hain…

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