मेरे गलतियों ने संभलकर चलने की सलाह दी
गलतियाँ ही तो इन्सान को निखारती हैं
जो संभल गया , वो निखर गया
ये एक नयी सीख जिन्दगी मुझे दे गया।।
— Manju Lata
फूल है तो खुशबू है..
समस्या है तो समाधान भी है..
बातों बातों में काम की बात भी है..
सूरज की किरणों में प्रकाश ही है..
गलती कहाँ और किसकी??
परिश्रम पर विश्वास है.. जीवन में सफलता।।
— Sarvesh Kumar Gupta
सच्चे इंसान की निशानी
उसकी वाणी, कर्म और आचरण होता है
विषम परिस्थितियों में भी अडिग रहकर
त्यागी,धर्मप्रिय और कर्तावयपरायण होता है!!
— Pushpa Pandey
सच्चे इंसान की निशानी, दया, करुणा और मानवता।
मुस्कान खिलाए चेहरों पर, हृदय में खिलती मित्रता।।
— Kavita Prabha
सच्चे इंसान की निशानी…….
पाखंड से जो दूर रहे,जुबान भले हि कड़वी हो पर मुँह पर सदा सत्य रहे,
ना किसी के साथ गलत करता हो, ना स्वयं के साथ गलत बर्दाश्त करता हो,
स्वाभिमान के लिए जीता हो,स्वाभिमान के लिए मरता हो,
दया भाव, करुणा और प्रेम सिर्फ इंसान के साथ हि नहीं प्रकृति एवं समस्त जीव जंतुओं के लिए भी रखता हो,
वही असल मे सच्चे इंसान की निशानी है,
सच्चे इंसान की निशानी है……..
— Nilesh Gupta
एक सच्चे इंसान की निशानी, कर्मप्रधान, समाज प्रधान,
देश और दीनों के सहायक के रूप अलंकरण में है।
— Kiran Pandey
सच्चे इन्सान की निशानी है उसकी सत्यता,
कर्मठता और जुबान जो चलता रहता, अडिग, अविरल, बिना डरे और सहमे।
— Manju Lata
सच्चे इंसान की निशानी है,
निष्काम भाव से कर्म करना।
सच्चाई की राह पर चलना
स्वाभिमान से जीना।
भाईचारे की भावना
अपने देश के प्रति प्रेम और जागरूकता।।
— Anita Gupta
सच्चे इंसान की निशानी…
दिल में प्रेम, ओठो पर मधुर वाणी।
सच से मुँह न मोढ़े
सही गलत जो हो मुँह पर बोले।
आज बुरा लगेगा,
कल उनका सम्भल जायेगा।
— Mridula Singh
इंसान का कर्म
उसकी पहचान।
वक़्त व सच के साथ
जैसा कर्म वैसा ही फल।।
— Sarvesh Kumar Gupta
सच्चे इन्सान की निशानी
सरल, शांत, दूरदर्शी, कर्मठ
और स्वाभिमानी होना!
— Harminder kaur
सच्चे इंसान की निशानी, जरूरी नही गुणों से भरपूर हो
लेकिन, वह निस्वार्थ होती है, आँखों में आँसू लिए, सेवा
भावना से पूर्ण होती है, स्नेह से परिपूर्ण होती है।
— Rekha Agarwal
सूर्य की पहली किरण….अहा !
हमारे जीवन को महका जाती है
नई ऊर्जा प्रदान कर कुछ नया
करने को उत्साहित करती है।
— Anita Gupta
सुबह की पहली किरण, महका जाती दिन भर को
ताजगी, ऊर्जा भर देती मन में, खुशियों से महका देती हर पल को।।
— Manju Lata
सूर्य की पहली किरण,रोज़ नया संदेशा लेकर आती है
प्रफुल्लित हो जाता है मन, तम दूर हो जाता
चहक उठते हैं पक्षी भी, फूल खिल जाते हैं बगिया में
नया सवेरा, जीवन में नवसंचार लाती है!!
— Pushpa Pandey
सुबह की पहली किरण, धरा के आँगन में बिखरी।
जीवन की फुलवारी में, एक नई कोंपल निकली।
— Kavita Prabha
चहचहाहती चिड़ियों की आहट
सुबह की पहली किरण संदेश वाहक।
नव ऊर्जा नवप्रवर्तन संकल्पित मन,
बढते कदम कर्मपथ के संग तन।
— Kiran Pandey






