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रास्ते खुल जायेगे

रास्ते खुल जायेगे

आओ, मिलकर हम कुछ नया संकल्प करें
जी लेंजिंदगी कोभरपूर हम, मस्ती का आलिंगन करें
छोड़ मायूसियों को हमें, मंज़िल की ओर बढ़ना होगा
मंज़िल तो पा ही लेंगे हम और कुछ न कुछ तो नया भी होगा!!
— Pushpa Pandey


चलो मायूसी को छोड़, एक नए सफर की ओर चलें
कुछ न कुछ तो होगा ही, जब नए उत्साह के संग आगे बढ़ें
वक्त इतना बेदर्द नहीं, घावों पर मरहम भी वही लगाए,
जले पर ठंडा फाहा रख, नया सवेरा भी वही लाए।।
— Manju Lata


बदलते वक्त का इशारा है, कुछ न कुछ तो होगा ही।
सत्कर्मों का प्रभाव जीवन पर, कुछ न कुछ तो होगा ही।
हार न मानो कभी समय से, चाहे कितनी मुश्किल आए,
छोड़ो मत दृढ़ता का दामन, सचमुच बहुत कुछ होगा ही।
— Kavita Prabha


कितनी भी मुश्किलें आये,
हौसला बनाये रखिए
बिना फल की इच्छा के
कर्म करते रहिये
विचार अच्छे रखने पर
कुछ न कुछ तो अच्छा अवश्य होगा।।
— Anita Gupta


अब कुछ ना कुछ तो होगा ही
जब बात अपने पर आई तो
एक चिंगारी से सब कुछ जल जायेगा
और सच की आवाज़ को कोई रोक नहीं पायेगा!
— Harminder kaur


क्या.. कर्म,मर्यादा,ज्ञान,सत्ता,पैसा,खान-पान आदि बलवान?
सच एक ही है – ” समय “…अटल, प्रवल एवम् बलवान।
जिसने समय को समझ लिया.. ..वही है सफल इंसान,
करेगा जो सदुपयोग समय का.. कुछ न कुछ तो अच्छा होगा ही।।
— Sarvesh Kumar Gupta


समय व्यर्थ नहीं करना है
कर्तव्य पथ पर बढ़ना है
कर्म करते समय विवेक रहे
क्या ग़लत, क्या है सही
भविष्य की मुट्ठी में हमारे लिए भी
कुछ न कुछ तो होगा ही।
— Neeti Jain


कहानियाँ जो पीछे छूट जाती हैं, न पलटें उन पन्नों को
आगे बढ़ें, नए विचार, नए सीखों के संग
कुछ अपनी सुनाएं, कुछ वक्त की सुनें
वक्त के सुनहरे पंख, तुम्हारे मुकुट में चमकेंगे।।
— Manju Lata


ज़िंदगी में हाय ! काश! तो रह ही जाता है
दर्द बढ़ता है जब…..कोई बिछड़ जाता है।
आगे चलना हमारी फ़ितरत है
कचोटती है कहानी जो पीछे छूट जाती है।
— Seema Bhargave


कहानियां जो पीछे छूट जाती हैं
वो अक्सर याद आती हैं पर
वक्त की फितरत है आगे बढ़ते जाना
और छूटी यादो से कुछ सीख अपनाना!
— Harminder kaur


दिल में बाकी रह जाती है एक कसक,
ज़हन में कुछ धुँधली सी यादों की महक,
कहानियां जो पीछे छूट जाती हैं, अक्सर
उठा जाती हैं भावों के धरातल में धमक।
— Kavita Prabha


कुछ कहानियाँ जो पीछे छूट जाती हैं,
स्मृति पटल पर बसी जीवन जीने का आधार बन जाती हैं
— Rekha Agarwal


कितना कुछ मिलता है यहाँ,
जीवन के अनजान सफर में
अकेले शुरू होता है ये कारवाँ जो
चलते-चलते कहानियाँ बनाता हैं।।
— Sarvesh Kumar Gupta


कहानियां जो पीछे छूट जाती है,
तन से मन को जु़ंदा कर, हमें..
तलब, अधूरापन दे जाती है !!
— DrNupur Basu


कहानियां जो पीछे छुट जाती हैँ,
उनको छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए
जीवन में नई कहानियां रचकर्,
आगे कदम बढ़ाना चाहिए।।
— Anita Gupta


पंछी उड़ जाते है यादें रह जाती है।
कुछ अपने पराए हो जाते है और कुछ पराए अपने बन जाते है।
याद आए तो बहुत रुलाती है।
कुछ कहानियां जो पीछे छूट जाती है।
— Dipali Jadhav

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