अपने वजूद को सही बनाए रखने के लिए
कभी – कभी इन्कार भी जरूरी है
वर्ना…..
सामने वाला आपके शराफत का फायदा ही उठाता रहेगा।
— Manju Lata
मन में आत्मविश्वास जगाकर
संघर्षो से जब टकराते हैं
तब अंधेरा हट जाता है,
सूर्य किरण आ जाती हैं।
मुश्किल तब होती है,
जब हम हिम्मत हार जाते हैं ।
— Anita Gupta
अंधेरा सब छंट जाता है
जब सूरज उग आता है,
रंगों से रंगी रश्मियों में
सारा जग चमचमाता है,
मुश्किल तब होती है,जब;
एक भी खिड़की खुली नही होती है।
— Neeti Jain
संघर्षो के रण में
जीत को जीता जीवन
सफलता की पहली जरूरत
केवल सफलता की इच्छा
जिससे मिटें मुश्किलें और
बने अपने अंदाज का प्रवाह
— Sarvesh Kumar Gupta
मुश्किल तब होती है जब हम स्वयं,
अपनी क्षमताओं पर संदेह करते हैं।
— Kavita Prabha
मुश्किल तब होती है जब हम पग-पग
दूसरे से हृदय अपेक्षाओं को बांधते।
नश्तर चुभाते आज मानव हैं मिलते,
प्रीत रीत निभाना ना कोई हैं समझते।
— Kiran Pandey
मुश्किल तब होती है
जब सहज परीस्थिति भी विषैली बन जाती है
खुद का आत्मविश्वास टूट जाता है
संदेहास्पद परीस्थितियाँ तैयार हो जाती है।
— Manju Lata
सूर्य नमष्कार
खुशी का विचार
व्यक्तिगत..बस एक बूंद
सब मिलजुल बने सागर
….कैसी नाराजगी?
— Sarvesh Kumar Gupta
यू ही नाराज नहीं होते
लोगो का तो काम ही है,
बातें बनाना।
अपने काम से काम रख कर
आगे बढ़ते जाओ।
— Anita Gupta
किसी से यूँ ही नाराज नहीं होते
क्या पता सामनेवाला जो सोच रहा है
उसमें हमारा भला ही छुपा हो
एक बार मनन कर के तो देखिए।
— Manju Lata
अपनों की नादानियों से,
यूँ ही नाराज़ नहीं होते।
माफ़ करते हुए चलना,
बेवजह फ़ालतू बोझ नहीं ढोते।
— Kavita Prabha
जिन्दगी में किसी भी कार्य से पहले
सोच लो , विचार लो , अपने प्रिय जन से मश्वरा कर लो
समझ बूझकर कदम बढ़ाओ
सफलता सदैव आपके कदम चूमेगी ।
— Manju Lata
मस्ती में जब ये मन होता,
पल-पल वसंत सा मुस्काता,
चलते – चलते चलता जाता,
समझ बूझ कहाँ से लाता।
— Sarvesh Kumar Gupta
पहले सबकी सुनो, फिर अपनी सामर्थ्य को आंकों,
स्वनिर्णय शक्ति हेतु,निज अंतर मन में ही झांको।
विचलित करने वाले तर्कों को पीछे छोड़ आओ,
अपनी शक्ति समेटे,समझ बूझकर क़दम बढ़ाओ।
— Neeti Jain
माना कि वक्त की रफ़्तार तेज़ बहुत है,
जीने की चाह बहुत है।
पर गिरकर सँभलने से बेहतर होगा,
समझ-बूझकर कदम बढ़ाओ!
— Kavita Prabha
Manju Lata
जहाँ हो तुम आज
मत भूलो किसी झटके में नहीं पाए थे
जिन्दगी के तुफानी लहरों से जूझकर
किनारे आ लगे थे जहाँ दुसरी परेशानी
मुँह खोले बैठी थी…..
लेकिन शुक्र है ऊपर वाले का
जो तुम पर अपनी रहमत बरसाई और
तुम सितारे बन बैठे आसमान के।
जहाँ तुम हो अभी, वहाँ तक भी सभी नहीं पहुँचे।
मंज़िल तक पहुँचने के लिए सकारात्मकता ज़रूरी है।
— Kavita Prabha
जहाँ तुम अभी हो..पलट कर देखो पंक्ति लम्बी
तेरी मेहनत, तेरी कर्मपथ संकल्पित समाव्यक्ति।
कंटक पग-पग जख्म भूलाकर बुलंद हौसले धाई,
अनगिनत साथी राह मिले आभा अतुल्य ले छाई।
— Kiran Pandey
ये शोहरत का झूठा मेला
पल में भीड़ पल में अकेला
हम तुम जैसे कितने आए-गए
कभी कोई ठहर पाया नही
हां यहीं, जहां तुम हो अभी
ठहरा है कुछ देर वो ,जो
बुलंदी से नीचे देख चकराया नहीं।
— Neeti Jain
जहां तुम हो अभी
वहां पहुंचे थे हम कभी
माना कठिन है ये डगर
तुम घबराना नहीं मगर
थोड़ा और साहस करो तो
तुम पहुंच जाओगे वहां
जहां पहुंचता है कोई कभी-कभी
— Ritu Jain
जहाँ तुम हो अभी
वहाँ से हम कब के
गुजर चुके हैं।
वहीं से हमने जीना सीखा,
हँसना और खिलखिलाना सीखा।।
— Anita Gupta





