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मैं तेरा मुखड़ा पढ़ता हूं

किसका रस्ता देख रहे हो
जो चला गया फिर कब आया है
जो भी करना है अकेले ही करना है
अपनी हिम्मत से मंजिल तक पहुंचना है।।
— Anita Gupta


किसका रस्ता देखते हो
कोई नहीं आएगा तुम्हें उठाने
खुद को बुलंद कर लो
फिर चाहे कुछ भी कहे ज़माना!
— Harminder kaur


किसका रस्ता देख रहे हो,बड़ा लंबा है सफ़र
मंज़िल भी है दूर और कठिन है डगर।
कामयाबी के पथ पर निकल पड़ा है तू
आगे बढ़ अपनी मुकाम हासिल कर और
खामोशियों को तोड़ हो प्रखर तू और भी निखर!!
— Pushpa Pandey


अभी तो सफ़र की शुरुआत है,
उलझे उलझे से क्यूँ ख़्यालात हैं।
किसका रस्ता देखते हो तुम,
सुधारने तुम्हें ही होंगे,जो ये बिगड़े हालात हैं।
अपने कदमों को बस रुकने न देना,
सफलता हमेशा तुम्हारे साथ साथ है।
— Kavita Prabha


किसका रस्ता देखते हो
कोई न आएगा तुम्हें सम्भालने
खुद ही खुद को सम्भालना है
जब फंसते हो जिन्दगी के उलझनों में
बस मन में रखो आस्था और विश्वाह
आज बुरे दिन हैं , तो
कल अच्छे दिन भी आएंगे।।
— Manju Lata


तुम ही तो हो
जो रोक रहे हो खुद को
जो आज है वही कल बनता है
प्रतिभा अपनी जानो
अरे चलो तो सही
किसका रास्ता देख रहे हो?
— Sarvesh Kumar Gupta

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