Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था
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Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था

Father’s Day Poetry In Hindi | कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता। जब माँ डॉँटती थी तो कोई चुपके से हँसता था कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।एक पिता के रूप में हर घर मेंहोता है नींव का पत्थर,कभी अभिमान तो कभीस्वाभिमान बनता पिता रूपीनींव का पत्थर,अक्सर कल्पतरु बन जातानींव का पत्थर।-अनीता गुप्ता…

Ganesh Chaturthi Dates Start and End Date 2022 (Vinayaka Chaturti), Ganesh Visarjan, Vinayaka Chavithi 2022, Ganesh Chaturthi Quotes 
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Ganesh Chaturthi Dates Start and End Date 2022 (Vinayaka Chaturti), Ganesh Visarjan, Vinayaka Chavithi 2022, Ganesh Chaturthi Quotes 

Ganesh Chaturthi Dates Start and End Date 2022 (Vinayaka Chaturti), Ganesh Visarjan, Vinayaka Chavithi 2022, Ganesh Chaturthi Quotes  From Wednesday, August 31, 2022, Ganesh Chaturthi 2022 will be celebrated as Vinayaka Chaturti, Ganpati 2022, or Vinayaka Chavithi 2022. Lord Ganesha’s birth anniversary is marked by this auspicious Hindu festival. During Ganesh Chaturthi 2022, Lord Ganesha,…

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समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने

समझो तो जरा खामोशी क्या कहती है | इन आँखो में बसे सपने सुख – दुख के पहलू को समझाती हैहर समय का भान कराती हैसमझो तो ज़रा, ख़ामोशी क्या कहती हैरेखा अग्रवाल🖋 sukh – dukh ke pahaloo ko samajhaatee haihar samay ka bhaan karaatee haisamajho to zara, khaamoshee kya kahatee hairekha agravaal🖋 समझो तो…

I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late
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I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late

I Am The Ocean | If The Brain Could Communicate | Chess Of Life | Knowing Yourself Is Like | When I Wake Up Late I am the ocean vast and deepContaining myriad treasures and mysteries steep.My thoughts are endless and timeless like the waves galore.And my identity is true and constant like the stretched-out…

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना
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धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना

धूप में जलना पड़ेगा | ज़िंदगी को जितना करीब से जाना धूप में जलना पड़ेगाकोयले को हीरा बनना पड़ेगावक़्त के साथ औक़ात की बात है जनाबपाने की चाहत को मुक़ाम देना पड़ेगा-पूजा दीक्षित dhoop mein jalana padegakoyale ko heera banana padegavaqt ke saath auqaat kee baat hai janaabpaane kee chaahat ko muqaam dena padega-pooja deekshit…

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं
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शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं

शांति से विचार करो | आती जाती सागर की लहरे हैं आप एक शांतिप्रिय आत्मा हैंहर कर्म करने से पहले आपकोशांति से विचार करना है।-अनीता गुप्ता aap ek shaantipriy aatma hainhar karm karane se pahale aapakoshaanti se vichaar karana hai.-aneeta gupta शांति से विचार करने के बाद ही किसी अंतिम निर्णय पर पहुँचना चाहिए।-प्रगति शाक्य…

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम
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World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम

World Environment Day: प्रकृति | पर्यावरण और हम कितना कुछ देती हैं हमें प्रकृति,मन को सुकूँन, तन को आनंद,नदियाँ शीतलता प्रदान करती,हरे भरे पेड़ ठंडी ठंडी हवा देते।आओ प्रकृति का कण-कण हम,एक बार फिर से महका दे आज,पर्यावरण दूषित हो रहा धीरे-धीरे,इसे सब मिल स्वच्छ बना ले आज।।-डाॅ राजमती पोखरना सुराना kitana kuchh detee hain…

नहीं रखना किसी से भी कोई शिकवा | जो कभी मेरा था | किसका रास्ता देख रहे हो
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नहीं रखना किसी से भी कोई शिकवा | जो कभी मेरा था | किसका रास्ता देख रहे हो

नहीं रखना किसी से भी कोई शिकवा | जो कभी मेरा था | किसका रास्ता देख रहे हो घुटन न भरो सांसों मेंआने दो ना ताजी हवासफ़र आसान रखना हैतो सबको माफ करते चलोअपनी धुन में गुनगुनाते रहोनहीं रखना किसी से भी कोई शिकवा-नीति जैन ghutan na bharo saanson meinaane do na taajee havasafar aasaan…

अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे
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अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे

अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे अपने निशाँ छोड़ते जाओ लोगों के दिलों मेंखुद भी जियों औरों को भी जीने दोकरो कुछ काम एसा,कि मरने के बाद भी रहे तेरा नाम इस जहां में ।-मृदुला सिंह apane nishaan chhodate jao logon ke dilon meinkhud bhee jiyon…

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