मन की आरज़ू
मन की आरज़ू by Ranjeeta Nath Ghai झूटी कसमें… टूटे वादेबिखरे ख्वाब, अधूरे सपने,नादान सी हसरतें,कुछ मचलती ख्वाहिशें;और फिर वही…

मन की आरज़ू by Ranjeeta Nath Ghai झूटी कसमें… टूटे वादेबिखरे ख्वाब, अधूरे सपने,नादान सी हसरतें,कुछ मचलती ख्वाहिशें;और फिर वही…

Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक सीखा है ज़िन्दगी का सबककुछ इस तरह,अपनों ने दिए जख्म और मलहमगैर लगा…

क्या है कविता -by Nidhi Bansal ख्यालों में बुनी जाएजज्बातों में कही जाएवो है कवितानम आंखों में मुस्कुराएखामोशी में गुनगुनाएवो…

आकाश बहुत ऊँचा है और दूर बहुत हैं तारे -by Ranjeeta Nath Ghai आकाश बहुत ऊँचा हैऔर दूर बहुत हैं…

लम्हें -by Ranjeeta Nath Ghai शायद ही हम कोई ऐसा लम्हा जीए जाते हैं,जो तुम्हारी याद से वाबस्ता ना हो,दिल…

आज की नारी -सरितासृृजना बार-बार वही पर, हर बार नहीसुनो ,ऐ दुनियावालोंंये, अत्याचार इस बार नही।लड जाऊँँ तूफानोंं से, टकरा…

बैठे बैठे -by Naresh Thadani बैठे बैठे मैं…इक खयाल बन जाता हूँ। जिसका कोई जवाब नहीं…मैं वोह सवाल बन जाता…

मोहब्बत ख़त्म हुई -by Naresh Thadani मोहब्बत ख़त्म हुई।प्यार का नज़राना अभी बाक़ी हैयार का फ़साना अभी बाक़ी है। मोहब्बत…

स्मृति चले आते हो यादों में,कभी ठंडी हवा ,कभी सैलाब बन कर,भिगो जाते हो,रूह के रोम-रोम को,कभी ओस, तो कभी,बारिश…

मैं खुद से खुद को जोड़ आई by Ranjeeta Ashesh/रंजीता अशेष बेपरवाह, बेसुध सा समन्दर मस्ताए,अपने खारेपन पर देखो कितना…