अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे
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अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे

अपने निशाॅं छोड़ते जाओ | असफलता से डरें क्यों |  रात भर बोलते हैं सन्नाटे अपने निशाँ छोड़ते जाओ लोगों के दिलों मेंखुद भी जियों औरों को भी जीने दोकरो कुछ काम एसा,कि मरने के बाद भी रहे तेरा नाम इस जहां में ।-मृदुला सिंह apane nishaan chhodate jao logon ke dilon meinkhud bhee jiyon…

अपनों का साथ रहें | हर पल हर दिन रंग बदल रही जिंदगी  | बादल
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अपनों का साथ रहें | हर पल हर दिन रंग बदल रही जिंदगी  | बादल

अपनों का साथ रहें | हर पल हर दिन रंग बदल रही जिंदगी  | बादल बड़ों की बातों में जीवन का सार है।परिवार अपनों का ही आकार हैबिखरेगा न कोई यहाँ,जब अपनों का साथ रहे-सर्वेश कुमार गुप्ता badon kee baaton mein jeevan ka saar hai.parivaar apanon ka hee aakaar haibikharega na koee yahaan,jab apanon ka…

हॅंसी खुशी से जो गुज़र जाए  | जब किस्मत की बात आती है
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हॅंसी खुशी से जो गुज़र जाए  | जब किस्मत की बात आती है

हॅंसी खुशी से जो गुज़र जाए  | जब किस्मत की बात आती है हँसी खुशी न मिले इधर उधर,हंसी खुशी तो बसे अपने भीतर,मालिक बन इसके जब चाहो…जैसे चाहो इसको गुजार लो !-सर्वेश कुमार गुप्ता hansee khushee na mile idhar udhar,hansee khushee to base apane bheetar,maalik ban isake jab chaaho..jaise chaaho isako gujaar lo !-sarvesh…

तितली | क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा 
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तितली | क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा 

तितली | क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा रस, रूप रंग और गंध केआकर्षण में फंसकरइस फूल से उस फूल,तितली की तरह भटकते रह जाओगेसार गृहण नहीं किया औरभव भव के भंवर में चक्कर खाओगे।-नीति जैन ras, roop rang aur gandh keaakarshan mein phansakaris phool se us phool,titalee kee tarah bhatakate rah jaogesaar grhan…

अपनी ओर भी देखो | सपने पूरे होते है
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अपनी ओर भी देखो | सपने पूरे होते है

अपनी ओर भी देखो | सपने पूरे होते है देखती हो सारी दुनिया की ओरकभी अपनी ओर भी देखो माँमाना बसा रखी है माँ तूनेअपनी दुनिया मुझमे फिर भीअपने लिए भी थोड़ा सोचो न!मेरी मुस्कुराहट में अपनी खुशियां खोज लेती हूँकभी अलग थोड़ा हँसकर देखों न!इतनी चाहत इतनी मुहब्बतआखिर कहाँ से लाती हूँसारी बलायें अपने…

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा | कभी हार मत मानो | अकेलापन सताता है
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कल एक झलक ज़िंदगी को देखा | कभी हार मत मानो | अकेलापन सताता है

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा | कभी हार मत मानो | अकेलापन सताता है हसते हुए बच्चे की आखों में देखा..नन्हा सा एक ख्वाब था अनोखा।मजदूर माँ ने थाम था रखा..कल एक झलक जिंदगि को देखा।-दीपाली hasate hue bachche kee aakhon mein dekha..nanha sa ek khvaab tha anokha.majadoor maan ne thaam tha rakha..kal ek…

हमारे हर मर्ज की दवा होती है माँ – Mother’s Day Poetry Prompt-2
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हमारे हर मर्ज की दवा होती है माँ – Mother’s Day Poetry Prompt-2

हमारे हर मर्ज की दवा होती है माँ – Mother’s Day Poetry Prompt-2 टूट गया विश्वास मेराभ्रम सभी जाता रहाजो थी दवा मेरे हर मर्ज कीवो माँ चली गयी!माँ कभी मर नही सकतीपर मौत ने छिन लियामाँ मेरी!ममता खो गयीमाँ चली गयीमुट्ठी से फिसलती रेत की तरहमाँ चली गयी बहुत दूर मुझसे !जानती हूँ अब…

जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँ |  Mother’s Day Poetry Prompt
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जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँ | Mother’s Day Poetry Prompt

जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँ | Mother’s Day Poetry Prompt जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँजहां में सच्ची मुहब्बत मिलती है कहाँ,लोगों के दिल में शराफत मिलती है कहाँ,प्यार, मुहब्बत, चाहत, सुनहरा है धोखा ,सभी को जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँ। बिना मेहनत के सफलता मिलती है कहाँ,बिना रोयें बच्चे को खाद्य वस्तु…

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